'आप' सबसे अधिक भरोसेमंद साथी


'आप' सबसे अधिक भरोसेमंद साथी
कानपुर [शिवा अवस्थी]। संसद पहुंचने की ललक में सूबे में आम आदमी पार्टी [आप] सबसे अधिक भरोसेमंद साथी के तौर पर उभरी है। अवध जोन की सिर्फ 22 सीटों पर ही आम आदमी पार्टी के दावेदारों का आंकड़ा 1270 पहुंच गया है। बाकी के तीनों जोन में भी आवेदकों में होड़ सी लगी है।
सूबे में सियासत के केंद्र बिंदु माने जाने वाले कानपुर से पांच जनवरी को आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह की सदस्यता अभियान मुहिम अब परवान चढ़ने लगी है। चंद रोज में ही अवध, पूवरंचल, बुंदेलखंड व पश्चिमांचल जोन में लोकसभा चुनाव लड़ने के दावेदारों की बाढ़ सी आ गई है। दिल्ली से जुड़ाव रखने वाले पश्चिमांचल की सीटों पर सबसे अधिक दावेदारी हुई है। यहां 1321 दावेदारों में सांसद बनने की ललक झलकी है। पूवरंचल और बुंदेलखंड में भी आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। कानपुर में सबसे अधिक 65 व अमेठी में सबसे कम आठ दावेदार सामने आए हैं।
सूत्र बताते हैं, अमेठी से आप नेता कुमार विश्वास के चुनाव लड़ने के एलान से दावेदारों की संख्या कम है। हालांकि हर सीट पर कसौटी के बाद ही उम्मीदवार फाइनल होने की सुगबुगाहट से यहां पर भी संख्या बढ़ सकती है।
अभी संख्या और बढ़ेगी :
अवध जोन की संयोजक अरुणा सिंह का मानना है कि राजनीतिक दलदल साफ करने की उम्मीद का प्लेटफार्म आप के रूप में लोगों को मिला है। इसी कारण से दावेदारों की संख्या बढ़ी है। अभी यह संख्या और बढ़ेगी। इनकी स्क्रीनिंग के बाद उम्मीदवार तय होंगे। पहली सूची 20 जनवरी तक जारी होने की संभावनाएं हैं।
तीन सीटों पर 25 निगाहें :
आप की पारखी नजरें हर सीट पर बेदाग और ऊर्जावान उम्मीदवार की तलाश करेंगी। अवध जोन के प्रवक्ता अरविंद वाजपेयी ने बताया, तीन लोकसभा सीटों पर 25 सदस्यीय कमेटी तय कर ली गई है। रविवार से यह कमेटी काम शुरू कर देगी।
जोन में आवेदक :
अवध 1270
पूवरंचल 928
बुंदेलखंड 817
पश्चिमांचल 1321

अब गोविंदाचार्य ने भी की आप की तारीफ

अब गोविंदाचार्य ने भी की आप की तारीफ
अलीगढ़। प्रख्यात चिंतक केएन गोविंदाचार्य ने आम आदमी पार्टी (आप) की खुलकर तारीफ की। कहा कि आप के आने से राजनीति में शुभ लक्षण उभरे हैं। राजनीतिक शुचिता और सादगी को बढ़ावा मिल रहा है। कई राज्यों के नेताओं ने भी आप की सादगी अपनाई है। गांधी, लोहिया, जयप्रकाश नारायण जैसे महापुरुषों के विचारों से प्रभावित लोगों का आप में आना अच्छा संकेत है। हालांकि, उन्होंने आप को अभी संगठित राजनीतिक दल के बजाय भ्रष्टाचार-महंगाई के खिलाफ 'अभियान' ज्यादा बताया।
वे शनिवार को शहर के नौरंगाबाद स्थित एसजेडी मेमोरियल पब्लिक स्कूल में स्वामी विवेकानंद की सार्ध शती समारोह में मुख्य वक्ता के बतौर आए थे। कहा कि स्वामी विवेकानंद जीवन मूल्यों के कारण महान बने। इंसान कितने समय तक जिया, यह मायने नहीं रखता। वह कैसे जीता है, यह अहम है। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में गोविंदाचार्य ने स्थापित दलों को नसीहत दीं। कहा, पुराने सियासी दलों की निरंकुशता व क्षोभ के कारण जनता ने 'आप' के रूप में आवाज बुलंद की है।

उन्होंने कहा कि आप के सियासी दल के रूप में तभी कुछ स्पष्ट होगा, जब लोकसभा चुनाव के नतीजे आएंगे। आप के कारण शुचिता बढ़ने के उदाहरण भी उन्होंने पेश किए। कहा, राहुल गांधी ने आदर्श सोसाइटी घोटाले की जांच इसी वजह से बैठाई। महाराष्ट्र में संजय निरूपम ने बिजली दरें घटाने का मुद्दा उठाया। राजस्थान की सीएम वसुंधराराजे सिंधिया ने तामझाम के खर्च घटाए। सरकारी आवास छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि अन्ना, रामदेव व केजरीवाल के विचार एक हैं। बस, मंच अलग हैं। उन्होंने अतिशीघ्र लोकपालों की नियुक्ति की मांग की। राजनीति में वापसी के सवाल पर बोले, मैं मूल्यों व मुद्दों की राजनीति कर रहा हूं। सो, राजनीति से बाहर कहां हूं