अब गोविंदाचार्य ने भी की आप की तारीफ

अब गोविंदाचार्य ने भी की आप की तारीफ
अलीगढ़। प्रख्यात चिंतक केएन गोविंदाचार्य ने आम आदमी पार्टी (आप) की खुलकर तारीफ की। कहा कि आप के आने से राजनीति में शुभ लक्षण उभरे हैं। राजनीतिक शुचिता और सादगी को बढ़ावा मिल रहा है। कई राज्यों के नेताओं ने भी आप की सादगी अपनाई है। गांधी, लोहिया, जयप्रकाश नारायण जैसे महापुरुषों के विचारों से प्रभावित लोगों का आप में आना अच्छा संकेत है। हालांकि, उन्होंने आप को अभी संगठित राजनीतिक दल के बजाय भ्रष्टाचार-महंगाई के खिलाफ 'अभियान' ज्यादा बताया।
वे शनिवार को शहर के नौरंगाबाद स्थित एसजेडी मेमोरियल पब्लिक स्कूल में स्वामी विवेकानंद की सार्ध शती समारोह में मुख्य वक्ता के बतौर आए थे। कहा कि स्वामी विवेकानंद जीवन मूल्यों के कारण महान बने। इंसान कितने समय तक जिया, यह मायने नहीं रखता। वह कैसे जीता है, यह अहम है। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में गोविंदाचार्य ने स्थापित दलों को नसीहत दीं। कहा, पुराने सियासी दलों की निरंकुशता व क्षोभ के कारण जनता ने 'आप' के रूप में आवाज बुलंद की है।

उन्होंने कहा कि आप के सियासी दल के रूप में तभी कुछ स्पष्ट होगा, जब लोकसभा चुनाव के नतीजे आएंगे। आप के कारण शुचिता बढ़ने के उदाहरण भी उन्होंने पेश किए। कहा, राहुल गांधी ने आदर्श सोसाइटी घोटाले की जांच इसी वजह से बैठाई। महाराष्ट्र में संजय निरूपम ने बिजली दरें घटाने का मुद्दा उठाया। राजस्थान की सीएम वसुंधराराजे सिंधिया ने तामझाम के खर्च घटाए। सरकारी आवास छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि अन्ना, रामदेव व केजरीवाल के विचार एक हैं। बस, मंच अलग हैं। उन्होंने अतिशीघ्र लोकपालों की नियुक्ति की मांग की। राजनीति में वापसी के सवाल पर बोले, मैं मूल्यों व मुद्दों की राजनीति कर रहा हूं। सो, राजनीति से बाहर कहां हूं